मैं सोता रहा, वो सहलाती रही।
मैं रोता रहा, वो चुप कराती रही।
मैं भागता रहा, वो बुलाती रही।
वो मेरी मां थी, जो सब जानती रही।
मैं बेबस रहा, वो समझाती रही।
मैं डरता रहा, वो हिम्मत बढ़ाती रही।
मैं गिरता रहा, वो संभालती रही।
वो मेरी मां थी, जो सब जानती रही।
आज मैं उसका गौरव हूं, वो मेरी पहचान।
मैं उसकी दौलत हूं, और वो मेरा मान।।
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